कान्यकुब्ज समाज ने अपनी बुद्धिमता एवं समर्पित कार्यशेली द्वारा भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अपने कार्य से अपनी एक पहचान बनाई है। कान्यकुब्ज समाज की किसी तरह की जनगणना अलग से नहीं है जिससे यह पता चल सके कि किस शहर एवं प्रांत में हमारे समाज के लोग रहते हुए उस जगह की उन्नति में भागीदार रहे है यह जनगणना इस लिए की जा रही है ताकि कान्यकुब्ज समाज के सभी वर्गों के लोगों को एक साथ जोड़ कर उनकी पहचान लोगों तक पहुंच सके।