श्यामा चरण शुक्ल

श्यामा चरण शुक्ल का जन्म 27 फरवरी 1925 को रायपुर में हुआ था । उनके पिता रविशंकर शुक्ला एक वकील, मध्य प्रांत और बरार के एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनेता और मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे ।
उनके छोटे भाई, विद्या चरण शुक्ला , एक INC राजनेता, एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में नौ बार के सांसद भी थे । उनके बेटे अमितेश शुक्ला एक कांग्रेस नेता हैं और वर्तमान में राजिम से छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य हैं
- श्यामा चरण शुक्ल के पिता रविशंकर शुक्ल भी मुख्यमंत्री रहे थे लेकिन किसी ने भी नहीं सोचा था कि श्यामा चरण शुक्ल भी एक दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। वह भी एक बार नहीं, दो बार नहीं बल्कि तीन बार।
- सोचा तो किसी ने ये भी नहीं था कि तीनों बार श्यामा चरण शुक्ल 5 साल का कार्यकाल पूरा करने से रह जायेंगे।
- श्यामा चरण शुक्ल ने जब होश संभाला था तो उनके घर में 52 कमरे थे और मेहमाननवाज़ी के लिए नौकरों की पूरी की पूरी पलटन थी। ऐसा कुछ नहीं था जो पिता के पास नहीं था और जो नहीं था, वो पिता का रसूख दिलवा सकता था।
- बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से बीटेक करने के बाद श्यामा चरण शुक्ल ने पिता की तरह वकालत की और फिर नेतागिरी।
- वरिष्ठतम राजनीतिज्ञ श्यामा चरण शुक्ल ने अपना राजनीतिक जीवन वर्ष 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ से शुरू किया। उन्हें तत्कालीन मध्य प्रदेश की राजनीति में प्रारंभ से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहने का गौरव प्राप्त रहा।
- श्यामा चरण शुक्ल रायपुर जिला कांग्रेस के अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी तक सदा ही महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे।
- दैनिक महाकौशल के संपादक श्यामा चरण शुक्ल ने 1962 में राज्य विधानसभा में प्रवेश किया और निरंतर निर्वाचित होते रहे।
- उन्हें वर्ष 1969-1972, 1975-1977 तथा वर्ष 1989-1990 में मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री रहने का गौरव मिला।
- 1990 में वह राज्य विधान सभा में विपक्ष के नेता रहे और फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति में सक्रिय रहे।








